देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बार फिर खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत किसानों को मिलने वाली 21वीं किस्त की पूरी तैयारी कर ली है।
इस बार भी पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹2000 की राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। कृषि मंत्रालय के अनुसार, भुगतान प्रक्रिया नवंबर 2025 के पहले या दूसरे सप्ताह तक पूरी की जाएगी।
PM Kisan Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) केंद्र सरकार की एक प्रमुख कृषि सहायता योजना है, जिसके तहत हर पात्र किसान को सालाना ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह राशि तीन समान किस्तों में ₹2000-₹2000 के रूप में हर चार महीने बाद दी जाती है।
इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्रियों की खरीद आसानी से कर सकें और खेती को बेहतर ढंग से जारी रख सकें।
PM Kisan 21वीं किस्त की तारीख और राशि
कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार:
- PM Kisan की 21वीं किस्त नवंबर 2025 के पहले या दूसरे सप्ताह में जारी की जाएगी।
- जिन किसानों की पिछली यानी 20वीं किस्त किसी कारण से नहीं आई थी, उन्हें इस बार ₹4000 की डबल राशि मिलेगी।
- जिन किसानों को पिछली किस्त समय पर मिली थी, उनके खाते में ₹2000 की सामान्य किस्त भेजी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान पिछली त्रुटियों या देरी की वजह से वंचित न रहे।
21वीं किस्त पाने के लिए जरूरी शर्तें
किसानों को 21वीं किस्त का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित आवश्यक कार्य पूरे करने होंगे:
- आधार लिंकिंग: किसान का आधार कार्ड उसके बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
- ई-केवाईसी (e-KYC): सभी लाभार्थियों को e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- सक्रिय बैंक खाता: बैंक खाता चालू होना चाहिए ताकि DBT के माध्यम से राशि पहुंच सके।
- भूमि रिकॉर्ड अपडेट: किसानों को अपने खसरा-खतौनी और भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन रखना होगा।
- लाभार्थी सूची में नाम: किसान का नाम PM Kisan Beneficiary List में होना आवश्यक है।
इन शर्तों को पूरा करने पर ही किसान को 21वीं किस्त का लाभ मिलेगा।
PM Kisan Yojana के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
| पात्रता शर्त | विवरण |
|---|---|
| निवास | किसान भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए |
| भूमि स्वामित्व | किसान के नाम पर अधिकतम 2 हेक्टेयर तक कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए |
| लाभार्थी सूची | किसान का नाम PM Kisan Beneficiary List में दर्ज होना चाहिए |
| बैंक खाता | आधार से लिंक और e-KYC पूर्ण होना चाहिए |
| परिवार की स्थिति | परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में या आयकर दाता नहीं होना चाहिए |
PM Kisan 21वीं किस्त स्टेटस कैसे चेक करें?
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी 21वीं किस्त जारी हुई है या नहीं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
- PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर “Farmers Corner” सेक्शन में जाएं।
- “Beneficiary Status” विकल्प पर क्लिक करें।
- नया पेज खुलने पर अपना आधार नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- कैप्चा कोड भरें और “Get Data” पर क्लिक करें।
- अब स्क्रीन पर आपकी किस्त की स्थिति (Payment Status) दिखाई देगी।
यदि “Payment Success” दिखता है, तो आपकी राशि जल्द ही खाते में पहुंच जाएगी।
यदि “Pending” या “Rejected” दिखे, तो नजदीकी CSC केंद्र या कृषि विभाग कार्यालय जाकर अपनी जानकारी अपडेट करवाएं।
PM Kisan Yojana का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी किसान आर्थिक संकट के कारण खेती छोड़ने पर मजबूर न हो।
सरकार चाहती है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाएं।
यह योजना किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाती है।
FAQs: PM Kisan 21वीं किस्त 2025
Q1. PM Kisan की 21वीं किस्त कब जारी होगी?
21वीं किस्त नवंबर 2025 के पहले या दूसरे सप्ताह में जारी की जाएगी।
Q2. इस योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
प्रत्येक किसान को सालाना ₹6000, यानी हर चार महीने में ₹2000 की एक किस्त दी जाती है।
Q3. पिछली किस्त न मिलने पर क्या मिलेगा?
जिन किसानों की पिछली यानी 20वीं किस्त रुकी थी, उन्हें इस बार ₹4000 (दो किस्तें) मिलेंगी।
Q4. स्टेटस कैसे चेक करें?
pmkisan.gov.in पर जाकर “Beneficiary Status” सेक्शन में अपना आधार नंबर डालकर स्टेटस देखा जा सकता है।
Q5. अगर e-KYC नहीं की है तो क्या होगा?
e-KYC पूरी न करने वाले किसानों की किस्त रोक दी जाएगी, जब तक वे प्रक्रिया पूरी नहीं करते।
निष्कर्ष
PM Kisan 21वीं किस्त 2025 केंद्र सरकार की एक बड़ी राहत योजना है, जिसके तहत किसानों को ₹2000 से ₹4000 तक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।
यह सहायता किसानों को बुवाई, खाद, बीज और अन्य कृषि कार्यों में मदद करेगी।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपना आधार, बैंक विवरण और भूमि रिकॉर्ड समय पर अपडेट रखें ताकि भुगतान में कोई रुकावट न आए।


